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लाग्या रे बाण मारे गुरु शब्दा रा भजन लिरिक्स हिन्दी में

||लाग्या रे बाण मारे गुरु शब्दा रा भजन लिरिक्स ||

लाग्या रे बाण मारे गुरु शब्दा रा भजन लिरिक्स


॥ दोहा ॥

शबदा मारी मर गया, शबदा छोडियो राज 

जिन जिन शब्द विचारिया, म्हारा सरिया काज ।।


लागा बाण मारे शब्द गुरा रा भजन 

लागा रे बाण मारे गुरु शब्दा रा,

शैल शब्दा रा

घायल होई ज्याई कहीं बाता

घायल होई ज्याई कहीं बाता रे सजनी 

लागा रे बाण मारे गुरु शब्दा रा,

शैल शब्दा रा

घायल होई ज्याई कहीं बाता


परणी नार वा तो पिया गम जाणे, 

पिया गम जाणे

काई जाणे रे कुंवारी बाता । 

बिना विवेक वा फिरे भटकती, 

इन कारण खावे है लाता

लागा रे बाण म्हारे ......


पतिव्रता नार भाई होई भुजवंती,

 होई भुजवंती

काई जाने रे पीव जी री बाता । 

सतगुरु मिलिया भरम सब भागा, 

भूल गई कुबदा री बाता । 

लागा रे बाण.... 


धरा आसमान सब बिक जावे, 

सब बिक जावे

सुख जावे समंदर सारा । 

में म्हारा पीवजी ने कदे नी भूलू, 

पावे पलक ने दिन राता । 

लागा रे बाण .....


प्रेम पोल में मारा सतगुरु पोडिया, 

सतगुरु पोडिया

मिलने री लग रही आसा । 

गुरु प्रताप रविदास जी बोले, 

तार में तार मिलाय दाता । 

लागा रे बाण .....


लागा रे बाण मारे गुरु शब्दा रा,

शैल शब्दा रा

घायल होई ज्याई कहीं बाता

घायल होई ज्याई कहीं बाता रे सजनी 

लागा रे बाण मारे गुरु शब्दा रा,

शैल शब्दा रा

घायल होई ज्याई कहीं बाता

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