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यकृत (Liver) : प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सरल भाषा में पढ़े

 यकृत (Liver) 

* यकृत शरीर का सबसे बड़ा ग्रंथीय अंग है, जो पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में स्थित होता है। इसका मुख्य काम पाचन, चयापचय, रक्त शोधन और ऊर्जा भंडारण को नियंत्रित करना है।

Liver

* इसका अध्ययन हिपटॉलोजी कहलाता है

* इसे शरीर की प्रयोगशाला भी कहते है

* यह एक प्रकार की पाचक ग्रंथि है 

* इसका प्रमुख कार्य भोजन को ग्लाइकोजन के रूप मे संग्रहित करना है

* यह पित्त रस बनाता है तथा पित्त रस को पित्ताशय मे एकत्रित करता है। पित्त पीले रंग का एक क्षारीय द्रव है जिसका pH मान 7.7 है य़ह पित्त रस वसा के अवशोषण मे सहायक है तथा भोजन के साथ आए जीवाणुओं को नष्ट करता है 

Read :- अग्नाशय ग्रंथि : प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु सम्पूर्ण महत्वपूर्ण तथ्य व सरल नोट्स

* यकृत लाल रक्त कणिकाओ मे उपस्थित हीमोग्लोबिन को नष्ट करके पित्त वर्णको का निर्माण करता है 

पित्त वर्णक दो प्रकार के होते है 

  • बिलिरुबिन 
  • बिलिवर्डिन

Note :- बिलिरुबिन की मात्रा बढ़ जाने पर पीलिया रोग होता है तथा इसी के कारण मल का रंग पीला होता है 

* यकृत हिपैरिन नामक पदार्थ का स्त्रावन करता है इसे रक्त प्रतिस्कन्दन कारक (Anticlotting factor) भी कहते है। जो शरीर मे रक्त को नहीं ज़मने देता है 

* यकृत खुद को पुनः निर्मित (regenerate) कर सकता है।

* इसका वजन लगभग 1.2–1.5 किलोग्राम होता है।



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